नव संवस्तर 2078 की हार्दिक शुभकामनाएं: इस बार मंगल संभालेंगे राजा व मंत्री का पद ,राशिफल से जानें कैसा रहेगा आपका साल


नैनीताल। लाइव उत्तरांचल न्यूज


नव संवत्सर 2078 मंगलवार यानि आज से शुरु हो रहा है। मंगलवार से प्रारंभ होने का अर्थ है कि माता का इस बार आगमन का वाहन रहेगा घोड़ा होगा। विक्रमी संवत्सर 2078 का नाम राक्षस है, इस बार ग्रहों के मंत्रिमंडल में मंगल देव स्वयं से राजा एवं मंत्री की भूमिका में हैं, एवं अन्य ग्रह क्रमानुसार सस्येश-शुक्र, दुर्गेश-मंगल, धनेश-शुक्र, रसेश-सूर्य, धान्येश-गुरु, नीरसेश-शुक्र, फलेश-चंद्र, मेघेश-मंगल होंगे। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से हिन्दू नववर्ष का आरंभ माना जाता है, ब्रह्मा जी ने इसी दिन सृष्टि की संरचना आरंभ करी थी। विक्रमी संवत अंग्रेजी कैलेंडर से 57 वर्ष आगे चलता है। हमारे सुधी पाठक पंडित प्रकाश जोशी ने संवत्सर के दौरान 12 राशियों पर पड़ने वाले प्रभावों को हम तक भेजा हैं। हम आप तक इन्हें ससम्मान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं
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मेष राशि: मेष राशि वाले जातकों का वर्ष शुभ फलदायी होगा। आर्थिक श्रोत बढेंगे वर्ष के पूर्वार्ध में सभी कार्यों में आशातीत सफलता मिलेगी। अत: महत्वपूर्ण कार्य को शीघ्रता से शुरू करें, संतान की तरफ से शुभ समाचार मिलंगे। प्रतिस्पर्धी एवं शत्रुओं से सावधानी रहने की आवश्यकता है। दाम्पत्य जीवन में दिक्कत आ सकती है। आषाढ , आशि्वन और फाल्गुन मास शुभ फलदायी रहेंगे। शनि तथा केतु के जप दान या शिव आराधना करना श्रेष्ठकर रहेगा।
वृषभ: वृषभ राशि के जातकों के लिए यह वर्ष आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। धनार्जन की नयी योजनायें फलीभूत होंगी। लेकिन मित्रों एवं रिश्तेदारों से धन सुरक्षित रखना उचित होगा।, मानसिक तथा शारीरिक कष्ट प्रायः वर्ष भर ही रहंगे। आपसी वाद—विवाद से बचें। चैत्र श्रावण और कार्तिक मास शुभ रहेंगे।
मिथुन राशि: मिथुन राशि वाले जातक वर्ष भर शनि से प्रभावित रहेंगे। मानसिक , आर्थिक और शारीरिक कष्ट प्रायः वर्ष भर प्रभावी रहेंगे। यश और सम्मान में वृद्धि होगी। धन निवेश के लिए समय अच्छा है। अकारण भ्रमण और श्रम बढ़ सकता है। वैशाख भाद्रपद और मार्गशीर्ष मास आपके लिए शुभ फलदायी रहेंगे। शनि और राहु का जप दान तथा हनुमान जी की उपासना लाभदायक रहेगा।
कर्क राशि: कर्क राशि वालों का वर्ष मिश्रित फलदायी रहेगा। लम्बित कार्य समय पर पूर्ण होंगे। रोगव्याधियों से व्यथित रहेंगे। मित्रों व परिजनों का सहयोग मिलेगा। धार्मिक यात्रा तथा घर पर मंगल कार्य सम्पन्न होंगे। माता पिता को कष्ट धन का अपव्यय होगा। ज्येष्ठ आशि्वन और पौष मास में महत्वपूर्ण कार्य सिद्ध होंगे। कर्क राशि वालों के लिए गुरु, शनि व केतु का जप दान शुभ फलदायी रहेगा।
सिंह राशि: सिंह राशि वालों का वर्ष शुभ फलदायी रहेगा। शत्रु और प्रतिस्पर्धी स्वयं ही परास्त हो जायंगे। यश, सम्मान और उन्नति से मनोबल बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी, तीर्थ यात्रा एवं मंगल कार्य सम्पन्न होने से मानसिक संतोष, व्यवसाय में उत्तरोत्तर वृद्धि होगी। आषाढ कार्तिक माघ मास में महत्वपूर्ण कार्य सम्पन्न करना उत्तम रहेगा।
कन्या राशि: कन्या राशि वालों का वर्ष चुनौतीपूर्ण रहेगा। पराक्रम अधिक करने के बाबजूद भी आशातीत सफलता न मिलने के कारण मानसिक कष्ट रोग अकारण भय अथवा मानसिक असंतुलन बढेगा। धार्मिक कार्य और तीर्थ यात्रा में धन व्यय, किसी विशेष कार्य के पूर्ण होने से यश कीर्ति बढेगी। श्रावण मार्गशीर्ष और फाल्गुन मास शुभ फलदायी रहेंगे। गुरु ,शनि , राहु का जप दान शुभ रहेगा।
तुला राशि: तुला राशि वालों का वर्ष में शनि से प्रभावित रहेगा। व्यवसाय नौकरी में बाधाएं आती रहेंगी। शत्रु वृद्धि और प्रतिस्पर्धी बढ़ने से धनागम में अवरोध आयेंगे। संतान की ओर से अच्छे समाचार मिलंगे। भवन और भूमि में निवेश करना अच्छा रहेगा। शनि, राहु व केतु के प्रभाव में न्यूनता लाने के लिए जप दान और शिवार्चन अच्छा रहेगा।

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वृश्चिक राशि: वर्ष मिश्रित फलदायी रहेगा। संघर्ष करते हुए लक्ष्य को प्राप्त करने में परेशानी अवश्य होगी लेकिन इससे आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। बन्धु—बान्धवा की ओर से विरोध के स्वर उठेंगे। संतान की ओर से शुभ समाचार मिलेंगे। पुराने रुके कार्य सम्पन्न होंगे। नौकरी एवं व्यवसाय में सुधार एवं वृद्धि होगी। वैसाख,आशि्वन और माघ मास शुभ फलदायी रहेंगे। गुरु,राहु और केतु के जप दान एवं शिवार्चन करना शुभ फलदायी रहेगा।
धनु राशि: धनु राशि वाले जातकों का वर्ष शनि की साढेसाती से प्रभावित रहेगा। आर्थिक, शारीरिक और मानसिक कष्टों को सहते हुए भी एक नयी राह स्वत: मिल जायेगी। पारिवारिक कलह और वाद—विवाद से बचें। रहे। वाहन चलाने में सावधानी रखें। ज्येष्ठ कार्तिक और फाल्गुन मास शुभ फलदायी रहेंगे। गुरु , शनि केतु के जप दान और हनुमान जी की आराधना अशुभ फलौ में न्यूनता आयेगी।
मकर राशि: मकर राशि वालों का वर्ष भी साढेसाती के प्रभाव से प्रभावित रहेगा। अकारण भय चिंता एवं रोग से व्यथित रहेंगे। क्रोध पर नियंत्रण रखना श्रेयस्कर रहेगा। राजकाज या व्यवसाय में अवरोध आते रहंगे, अपव्यय से बचें। वर्ष भर आकस्मिक धन लाभ होते रहेंगे, अपनों से वियोग कष्टप्रद हो सकता है। चैत्र आषाढ और मार्गशीर्ष मास शुभ फलदायी रहेंगे। शनि ,केतु व राहु के अशुभ फलों के निराकरण के लिए जप दान करना शुभ रहेगा।
कुम्भ राशि: कुंभ राशि वालों का वर्ष भी साढेसाती से प्रभावित रहेगा। मानसिक एवं आर्थिक कष्ट के चलते मनोबल में कमी हो सकती है। चल—अचल सम्पत्ति में निवेश अच्छा रहेगा। कार्य में अवरोध उत्पन्न होंगे एवं धन का अपव्यय होगा। राजद्वार से कष्ट, क्रोध एवं कलह से बचें। वैसाख श्रावण पौष मास शुभ फलदायी रहेंगे। अशुभ फलों के निराकरण हेतु गुरु ,शनि, राहु व केतु का जप दान शुभ रहेगा।
मीन राशि : मीन राशि वालों का वर्ष शुभ फलदायी रहेगा। पुराने रुके हुए कार्य सिद्ध होंगे। निकट संबधों में सुधार होगा। संतान की ओर से शुभ समाचार मिलंगे। नौकरी में पदोन्नति तथा व्यवसाय में लाभ होगा। विरोधी स्वत: ही समाप्त हो जायेंगे। दाम्पत्य जीवन में मधुरता, ज्येष्ठ भाद्रपद एवं माघ मास शुभ फलदायी रहेंगे। अशुभ फलौ में न्यूनता के लिए गुरु,राहु एवं केतु का जप दान करना श्रेयस्कर रहेगा

(यह लेखक के निजी विचार हैं।)

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