स्वास्थ्य सचिव मातहतों को जिम्मेदारी ठीक से निर्वहन करने के निर्देश दें, हाईकोर्ट ने गरुड़ के लिए दिए निर्देश

नैनीताल। लाइव उत्तराँचल न्यूज़

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने गरुड़ बागेश्वर में राज्य सरकार द्वारा प्रवासियों को प्राथमिक विद्यालयों व पंचायत भवनों में कोरेंटाइन करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका में मंगलवार को सुनवाई की। अदालत ने सचिव स्वास्थ्य को बागेश्वर जिले के स्वास्थ्य सम्बन्धी तथ्यों व शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी ठीक से निर्वहन करने के निर्देश देने को कहा है साथ में कोर्ट ने 30 जून तक इस पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सुधांशु धुलिया व न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी की संयुक्त खंडपीठ में हुई। अगली सुनवाई के लिए 30 जून की तिथि नियत की है। इधर सुनवाई के दौरान याचिकर्ता के द्वारा कोर्ट को बताया गया कि राज्य सरकार ने महामारी से लड़ने के लिए जिले के ग्राम प्रधानों को अभी तक फंड नही दिया गया। महामारी से लड़ने के लिए जब गरुड़ गरुड़ क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने जिम्मेदार अधिकारियों से फोन पर शिकायत करनी चाही तो उनके मोबाइल नम्बर बन्द मिले और उन्होंने अपनी जिम्मेदारियां आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों व आशा वर्करों को दे दी है । कोरेंटाइन सेंटरों में न तो आने जाने वाले लोगों का रिकार्ड रखा जा रहा है न ही सेंटरों में सेनेटाइज़िंग किया जा रहा है। मामले के अनुसार अधिवक्ता डीके जोशी ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि गरुड़ बागेश्वर में राज्य सरकार द्वारा प्रवासियों को लाकर विधालयो व पंचयात भवनों में कोरन्टीन किया जा रहा है जिनमे कोई सुविधा नही है इसलिए उनको तहसील या जिला स्तर पर कोरेंटाइन किया जाय। इस सम्बंध में गरुड़ के ग्राम प्रधानों ने जिला अधिकारी को ज्ञापन भी दिया था साथ में यह भी कहा था कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं की जाती है तो वे सामुहिक रूप आए इस्तीफा देंगे।

वीडियो याची अधिवक्ता डीके जोशी

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: