ओ रे कोरोना ! को घड़ि में आछे तूः निर्मला जोशी ‘निर्मल’


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हल्द्वानी। लाइव उत्तरांचल न्यूज

नगर के कठघरिया क्षेत्र निवासी प्रतिष्ठित कवियत्री
निर्मला जोशी ‘निर्मल’ ने कोरोना को लेकर कुमाऊंनी में नई रचना की है। लाइव उतरांचल न्यूज उऩकी कविताओं को हमेशा ही प्राथमिकता से शेयर करते आ रहा है। इस बार उन्होंने कोरोना से मुक्ति नहीं होने को लेकर कुमाऊंनी में कलम चलाई हैः-                
आजि नी गोय यो कोरोना…..
ओ रे कोरोना !को घड़ि में आछे तू
जम बेर बैठि गोछे तू तो पौण ने चार
इतुक दिन तो पौण लै नी रुनेर भय
कब जाणै रौलै  तू  यां पौण
जाने कन अब तू ।
भौते बेशर्म छै
तूत्वील लाज शरम  सब बेच खै हाली
क्वै लै त्यार दगड़ बैठण लै नी चाण
सारि दुनि तुकें दूर-दूर करणें
तब लै तू यां अड़ बेर बैठि  गोछे
क्वे लै त्यार दगड़ हाथ तकनी  मिलूंण चाण
तुकें देखि बेर सब  इथां उथां भाज  जाणि
तब लै  तू बेशर्मनक चारघुसि बेर
बैठि गोछे हमार घरन में 
मुणी तो शरम कर ले 
सारि दुनि तुकें  कतुक सिटणे 
कतुक जहर फैलो हालो त्वील 
सुण लियो सब जाणि 
यो करमजल कोरोना तो माननेर नी भय
जब लग यो जिनगी  छू
यो रौल अब दगडी
आई नी  जानेर  भय  यो कोरोना 
अब  तुमनकेई धरण पड़ल ध्यान आपुण 
साफ सफाई भलि भै धरिया 
भौते जुगतल रुण पड़ल 
हाथन कें बार बार ध्वेने  रैया
मास्क लगूंण झन छोड़िया
यो तो हमरि जिनगीक 
एक हिस्स बण बेरे रौल अब ।                                   

One thought on “ओ रे कोरोना ! को घड़ि में आछे तूः निर्मला जोशी ‘निर्मल’

  1. रचना को प्रसारित करने के लिए uttranchlnews. com का हृदय तक से बहुत बहुत आभार।🙏🙏🙏

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