श्रीकृष्णजन्माष्टमी: जंयती योग होने से द्वापर युग जैसा संयोग आज, सर्वार्थ सिद्ध योग में भक्तों की मनकामनायें पूरी करेंगे द्वारिकाधीश

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नैनीताल। लाइव उत्तरांचल न्यूज (धर्म—कर्म डेस्क)

भक्तों में मुरली मनोहर, द्वारिकाधीश, केशव, मधुसूदन समेत दर्जनों नामों से पूजनीय महायोगी श्रीकृष्ण भगवान जन्मोत्सव यानि श्रीकृष्णजन्माष्टमी इस बार दुर्लभ संयोग के बीच हो रहा है। आज जन्माष्टमी का पर्व अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के मध्य जयंती योग पर पड़ रहा है। इसी योग में सर्वेश्वर भगवान श्रीकृष्ण का जन्म द्वापर युग में हुआ था। लाइव उत्तरांचल न्यूज परिवार की ओर से आप सभी को श्रीकृष्णजन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मुहूर्त
अष्टमी तिथि प्रारंभ- रविवार को रात 11 बजकर 25 मिनट से
अष्टमी तिथि समाप्त- सोमवार को देर रात 01 बजकर 59 मिनट पर होगा।
रोहिणी नक्षत्र प्रारंभ- सोमवार सुबह 06 बजकर 39 मिनट से
रोहिणी नक्षत्र समापन- 31 अगस्त को सुबह 09 बजकर 44 मिनट पर।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह संयोग करीब 27 साल बाद हो रहा है। भगवान के जन्म के समय सर्वार्थ सिद्ध योग व वृषभ राशि पर उच्च चन्द्रमा भक्तों की मनकामनाओं को पूर्ण करने में सहायक बनेगा। शास्त्रों के अनुसारा श्रीकृष्णजन्माष्टमी पर व्रत रखना पुण्यकारी माना गया है। यह व्रत सभी मनोवांछित कामनाओं को पूर्ण करने के साथ रोग, शोक को भी दूर करने वाला है। व्रत रखने वाला व्यक्ति योगेश्वर भगवान की कृपा का पात्र बन जाता है। पूरे देश मे कृष्ण जन्माष्टमी एक साथ मनाई जा रही है।

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